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प्रदेश सरकार कृषि एवं किसानो की उन्नति के लिए दृढ़संकल्पित
December 13, 2019 • डा. शरद प्रकाश पाण्डेय • कृषि समाचार
 
वर्तमान प्रदेश सरकार कृषि एवं किसानो की उन्नति के लिए दृढ़संकल्पित है। सरकार द्वारा किसानो के हित में लिये गये विभिन्न निर्णयों और उनके क्रियान्वयन से विगत वर्ष 2018-19 में प्रदेश में 604.15 लाख मै0टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ जो अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1950-51 में पूरे देश में कुल 508.2 लाख मै0टन खाद्यान्न उत्पादन था। विगत खरीफ 2018 में कुल 196.03 लाख मै0टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ था। इस वर्ष खरीफ 2019 में 201.45 लाख मै0टन खाद्यान्न एवं 1.89 लाख मै0टन तिलहन तथा कुल 203.34 लाख मै0टन उत्पादन होने की संभावनाहै। रबी 2018-19 में 405.60 लाख मै0टन खाद्यान्न उत्पादन तथा जायद में 2.52 लाख मै0टन खाद्यान्न तथा 13.31 लाख मै0टन उत्पादन हुआ। 
श्री शाही ने कहा कि प्रदेश में धान की खेती लगभग 59 लाख हे0 क्षेत्रफल में करायी जाती है। खरीफ फसलो की कटाई के तत्काल बाद किसान रबी फसलो की बुवाई शुरू करते है। इन फसलो खासकर धान की फसल की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच कम समय होने के कारण पराली जलाने की समस्या खासतौर पर प्रदेश के पश्चिमी तथा तराई क्षेत्र के जनपदो में प्रकाश में आई है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जहां कार्बनिक पदार्थ जलता है भूमि की भौतिक एवं रासायनिक संरचना पर भी कुप्रभाव पड़ते है तथा लाभदायक मित्रकीट भी मर जाते है साथ ही पर्यावरण भी प्रदूषित होता है जिससे धुन्ध होती है और श्वास, नेत्र एवं त्वचा रोग की समस्या उत्पन्न होती है। 
कृषि मंत्री ने बताया कि पराली जलाने की घटना को भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार द्वारा गंभीरता से लिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन0जी0टी0) द्वारा पराली जलाये जाने की घटना पर दण्डात्मक कार्यवाही भी निर्धारित की है, जिसके अंतर्गत 02 एकड से कम भूमि वाले किसानो के लिए रू0 2,500/घटना, 02-05 एकड भूमि जोत वाले लघु कृषको के लिए रू0 5,000 प्रति घटना, 05 एकड से अधिक भूमि रखने वाले कृषको के लिए रू0 15,000 प्रति घटना। इस घटना की पुनरावृत्ति होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध अभियोजन की कार्यवाही कर नियमानुसार कारावास/अर्थदण्ड या दोनो से दण्डित किये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में दिनांक 01 अक्टूबर से 30 नवम्बर, 2019 तक कुल 4225 फसल अवशेष जलाने की घटनाएं हुयी थी। दिनांक 01 अक्टूबर 2019 से 10 दिसम्बर, 2019 तक प्रदेश में फसल अवशेष जलाने की घटनाएं तथा उनके विरूद्ध की गयी कार्यवाही निम्नवत् है-
 
घटनाएं-
1.धान की पराली जलाना- 4871
2.गन्ने की पराली जलाना- 194
3.कूडा अवशेष जलाना- 364
4.अन्य घटना- 81
कुल- 5510
कार्यवाही-
1.व्यक्तियो के विरूद्ध की गयी कार्यवाही-218
2.विभागीय कर्मियो के विरूद्ध कार्यवाही-526 
3.प्रथम सूचना रिपोर्ट की संख्या-1867
4.गिरफ्तार किये गये व्यक्ति-126
5.जुर्माना धनराशि (अधिरोपित)-237.32 लाख
6.जुर्माना वसूली गयी धनराशि-रू0 66.03 लाख
7.निराश्रित गोवंश स्थलो को भेजी गयी पराली मात्रा-1183.31 मै0टन
8.जिला प्रशासन द्वारा जब्त की गयी कम्बाइन हार्वेस्टर की संख्या-47
 
कृषि मंत्री ने कहा किप्रदेश में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में कुल 143025 कृषि यंत्रों के अनुदान पर वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। इसके अतिरिक्त 1540 कस्टम हायरिंग सेण्टर एवं 277 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित है। कस्टम हायरिंग सेण्टरो की स्थापना के लिए रू0 11-18 लाख तक की परियोजना लागत पर फसल अवशेष प्रबंधन हेतु उपयोगी यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक एवं अन्य यंत्रों पर 40 प्रतिशत तक अनुदान अनुमन्य है। फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए रू0 11-15 लाख तक की परियोजना लागत पर 80 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है। अब तक प्रदेश में 1423 कस्टम हायरिंग एवं 266 फार्म मशीनरी बैंको की स्थापना करायी जा चुकी है। 
ऽउत्पादकता-वर्ष 2018-19 में चावल की 27.03 कु0/हे0, मक्का में 20.67 कु0/हे0, बाजरा की 20.29 कु0/हे0, ज्वार में 12.47 कु0/हे0, मूूंॅग में 4.24 कु0/हे0, उर्द में 5.55 कु0/हे0 तथा तिल में 2.26 कु0/हे0 की उत्पादकता प्राप्त की गयी है। गेहूूॅ में 38.60 कु0/हे0, रबी दलहन में 12.42 कु0/हे0 एवं रबी तिलहन में 14.53 कु0/हे0 उत्पादकता प्राप्त हुई। वर्ष 2019-20 में खरीफ के अंतर्गत चावल की 27.03 कु0/हे0, मक्का में 20.67 कु0/हे0, बाजरा की 20.29 कु0/हे0, ज्वार में 12.47 कु0/हे0, मूूंॅग में 4.24 कु0/हे0, उर्द में 5.55 कु0/हे0 तथा तिल में 2.26 कु0/हे0 की उत्पादकता अनुमानित है।
ऽआच्छादन-रबी, 2019-20 में 129.87 लाख हे0 क्षेत्रफल आच्छादित करने के लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 07.12.2019तक 103.58 लाख हे0 क्षेत्रफलआच्छादित किया गया है जो लक्ष्य का 80 प्रतिशत है। 
ऽबीज-रबी 2019-20 के लिए 49.50 लाख कुं0 प्रमाणित बीज वितरण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 49.75 लाख कुं0 बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए दिनांक 10.12.2019 तक 41.02 लाख कुं0 बीजों का वितरण कराया जा चुका है।  
ऽउर्वरक-रबी 2019 में विभिन्न उर्वरकों के वितरण का 46.34 लाख मै0टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 33.97 लाख मै0टन उर्वरक की उपलब्धता कराते हुए 16.86लाख मै0टन का वितरण किया जा चुका है। 
ऽकृषि रक्षा रसायन- रबी 2019 हेतु विभिन्न कृषि रक्षा रसायनों के वितरण का 9760.00 मै0टन/कि0ली0 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है,जिसके सापेक्ष माहनवम्बर, 2019 तक6852.94 मै0टन /कि0ली0 कृषि रक्षा रसायन की उपलब्धता कराते हुए 1109.51 मै0टन/किली0 का वितरण किया गया।
ऽफसल ऋण मोचन योजना-वित्तीय वर्ष 2018-19 में एन.पी.ए. समाधान योजना एवं फसल ऋण मोचन योजनान्तर्गत छुटे हुए 8.48 लाख पात्र/लाभार्थी कृषकों का रू0 3730.04 करोड़ ऋण मोचन किया गया। इस प्रकार योजनान्तर्गत कुल 44.54 लाख कृषकों का रू0 24821.30 करोड़ ऋण मोचन किया गया।वित्तीय वर्ष 2019-20 में जनपद स्तर पर प्राप्त आॅफलाइन शिकायतों के अंतर्गत 1.18 लाख कृषकों की रू0 704.08 करोड की डिमाण्ड जनरेट की गयी है। भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 
ऽकिसान सम्मान निधि योजना-योजनान्तर्गत 172.90 लाख कृषको को रू0 3458.02 करोड प्रथम किश्त, 159.32 लाख कृषको को रू0 3186.52 करोड द्वितीय किश्त, 124.67 लाख कृषको को रू0 2493.50 करोड तृतीय किश्त एवं 52.63 लाख कृषको को रू0 1052.56 करोड की चतुर्थ किश्त की धनराशि तथा कुल रू0 10190.59 करोड की धनराशि किसानो के खाते में अंतरित की जा चुकी है।
ऽप्रधानमंत्री किसान मान-धन (पी0एम0-के0एम0वाई0) योजना- वर्ष 2019-20 में प्रदेश के लघु एवं सीमान्त कृषकों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने एवं वृद्धावस्था में उनकी आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वैच्छिक रूप से पुरूष व महिला दोनों के लिए 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर रू0 3000 प्रतिमाह की एक सुनिश्चित मासिक पेंशन योजना है। यह एक स्वैछिक एवं अंशदायी पेंशन योजना है। माह नवम्बर, 2019 तक 235005 लाभार्थियों को कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है, जिसमें पुरूष 75.7 प्रतिशत एवं महिला 32 प्रतिशत हैं।इस योजना में 18-25 आयु वर्ग के 23.8 प्रतिशत, 26-35 आयु वर्ग के 49.8 प्रतिशत तथा 36-40 आयु वर्ग के 26.4 प्रतिशत लाभार्थी हैं।
ऽफसली ऋण-रबी 2019 के लिए निर्धारितरू0 76975.23 करोड़ फसली ऋण वितरण लक्ष्य के सापेक्ष रू0 17190.20 करोड़ का वितरण माहनवम्बर, 2019 तककिया गया है।
ऽकिसान के्रडिट कार्ड-वर्ष 2019-20 के लिए निर्धारित 44.32 लाख किसान के्रडिट कार्ड वितरण लक्ष्य के सापेक्ष माह नवम्बर, 2019 तक 35.66 लाखकिसान के्रडिट कार्ड का वितरण किया जा चुका है।
ऽमृदा स्वास्थ्य कार्ड-प्रथम चक्र में 49.28 लाख मृदा नमूनें एकत्रित कर विश्लेषित कराते हुये 170.15 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड कृषकों को निःशुल्क वितरित कराये जा चुके हैं।द्वितीय चक्र (2017-18 एवं 2018-19) में 50.95 लाख मृदा नमूनें एकत्रीकरण लक्ष्य के सापेक्ष 52.73 लाख मृदा नमूनों को संग्रहीत किया जा चुका है। संग्रहीत नमूनों में से 50.78 लाख मृदा नमूनों का विश्लेषण कराकर माह नवम्बर, 2019 तक 198.12 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड कृषकों को निःशुल्क वितरित कराये जा चुके हैं।
ऽमाॅडल ग्राम योजना (वर्ष 2019-20)-योजनान्तर्गत 821 चयनित माॅडल ग्राम से 2.55 लाख मृदा नमूने एकत्रीकरण लक्ष्य के सापेक्ष 2.55 लाख मृदा नमूनो को संग्रहीत किया गया तथा 2.49 लाख मृदा नमूना का विश्लेषण कराकर माह नवम्बर, 2019 तक 1.99 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया गया।
ऽखेत-तालाब योजना-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत वर्ष 2019-20 में 7000 खेत तालाब निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष 2466 तालाबो का निर्माण माह नवम्बर, 2019 तक किया जा चुका है।
ऽपंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना-योजनान्तर्गत वर्ष 2019-20 हेतु 45395 हे0 भूमि सुधार के लक्ष्य के सापेक्ष माह नवम्बर, 2019 तक 22563 हे0 भूमि का सुधार कराया जा चुका है।
ऽसोलर पम्प- सोलर पम्प योजनान्तर्गत वर्ष 2019-20 में 10000 लक्ष्य के सापेक्ष 10108 कृषको का चयन किया गया।इसके सापेक्ष 8986 सोलर पम्पो की आपूर्ति कराते हुए 6844 सोलर पम्पो की स्थापना करायी जा चुकी है। प्रधानमंत्री कुसुम योजनांतर्गत 8000 सोलर पम्पो की स्वीकृति प्राप्त हुयी है जिनकी स्थापना की कार्यवाही क्रमागत है। 
ऽवर्मी कम्पोस्ट- वर्ष 2018-19 के अवशेष 39523 एवं वर्ष 2019-20 में 96953 कुल 136476 वर्मी कम्पोस्ट इकाई की स्थापना लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 10.12.2019 तक 23725 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना करायी जा चुकी है।
ऽवित्तीय प्रगति-प्रदेश सरकार द्वारा कृषि की विकास की योजनाओं के अंतर्गत रू0 2989.95 करोड का बजट प्राविधान किया गया है जिसमें से अब तक प्रदेश सरकार द्वारा रू0 1762.06 करोड की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है जिसके सापेक्ष दिनांक 09.12.2019 तक रू0 717.38 करोड (41 प्रतिशत) का व्यय किया जा चुका है। दिनांक 31.12.2019 तक इसमें कम से कम 150 करोड की प्रगति और होनी संभावित है।विभागीय अधिकारियों को दिनांक 31 दिसम्बर, 2019 तक अधिकाधिक व्यय करने तथा कम व्यय वाले जनपदीय अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये गये है। इस वर्ष कम से कम रू0 2500 करोड के व्यय के लिए पूर्ण प्रयास किये जायेंगे।