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फसलें बचाने के चक्कर में कैन्सर को दावत
November 4, 2019 • डा. शरद प्रकाश पाण्डेय

भारत का एक शक्तिशाली राज्य है पंजाब ! यहाँ के बंदे सब से ज्यादा मेहनती होते है इसीलिए पंजाब देश का सबसे अधिक गेहूँ उत्पन्न करने वाला देश है .लेकिन इस राष्ट्र को नष्ट करने की काली साजिश रची जा चुकी है इलुमिनाती के प्यादे मोनसेंटो और कीटनाशक कम्पनियाँ परम दानवों की साजिश जिसके तहत पंजाब अब देश का सबसे ज्यादा कीटनाशक इस्तेमाल करने वाला राज्य बन गया है जिसके कारण अब देश के सबसे ज्यादा कैन्सर पेशन्ट भी पंजाब में है ..।और बड़े दुःख के साथ कहना पड़ रहा है के विश्व की पहली और एकमात्र कैन्सर ट्रेन पंजाब के भटिंडा से राजस्थान के बीकानेर जाती है ..बीकानेर में एक बड़ा ट्रस्ट का कैन्सर अस्पताल है ..और इस ट्रेन का नाम कैन्सर ट्रेन इसीलिए पड़ा क्योकि इसमें सफर करने वाले सारे लोग कैन्सर के मरीज और उन मरीजों के रिश्तेदार ही होते है !
और पंजाब में कैन्सर रोग का मुख्य कारण कीटनाशक दवा का अधिक और गैरजरूरी उपयोग है भोली-भली जनता को बेवकूफ बना कर कीटनाशक का अधिक उपयोग करवाया जा रहा है ...जैसे के मलाथियान एन्डोसल्फान मोनोक्रोटोफास -४ डी । उदाहरण के लिए मोनोक्रोटोफास कीटनाशक के डिब्बे पर लिखा होता है दस लीटर में दस एमएल ...लेकिन दूकान वाले पर अधिक बिक्री का दबाव और टारगेट होता है और साथ साथ गिट भी दिया जाता है कीटनाशक कंपनियों द्वारा दुकानों को के सौ लीटर बेचने पर एक फ्रिज या हजार लीटर बेचने पर थाईलैंड की सैर का आफर देते हैं।
इसीलिए दूकानदार किसानो को दस एम एल की जगह पचास एम एल डालने की सलाह देते है और किसान अपनी चतुर बुद्दि का परिचय देते हुए सौ एमएल कीटनाशक डालता है दस लीटर पानी में छिडकाव के लिए ..इस तरह फसलों पर दस से बीस गुना ज्यादा कीटनाशक का उपयोग होता है नतीजा अन्न में अत्यधिक मात्र में कीटनाशक जहर और कैन्सर।
 कैन्सर से बचने के उपाय .

2) पहले तो इस कैन्सर ट्रेन के मरीज संघटित हो कर उन कीटनाशक कंपिनियो पर केस करे .जिससे के वे सारे विश्व में प्रतिबंधित लेकिन भारत में खुलेआम बिकने वाले कुछ कीटनाशक जैसे के एन्डोसल्फान , मोनोक्रोटोफास इत्यादि को बन्द करे और किसानो को सही मात्रा डालने की शिक्षा दे 
2) आयुर्वेदिक उपचार ले जैसे के पंचकर्म से देहशुद्धि वमन रेचन स्वेदन कर्म और पश्चात आयुर्वेदिक दवाए ले ..
क्योकि रेडिएशन और कीमोथेरेपी से कैन्सर कम होने की जगह उलटे ज्यादा होता है और मरीज जल्दी मर जाता है ...ये एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश(google global depopulation) है 
3) लंघनम परमौषधम .कैन्सर से बचने के लिए उपवास रखे ..जी हाँ उपवास से शरीर में जमा हुए टाक्सिक केमिकल जैसे के कीटनाशक निकल जाते है और शरीर शुद्ध होता है डी-टाक्सिफिकेशन .. स्त्री और पुरुष उपवास रखे हते में एक बार .अगर यह हो न सके तो महीने में दो बार अवश्य रखे एकादशी और प्रदोष के दिन खाने में हल्दी ,हरा धनिया और अदरख मेथी अधिक उपयोग करे ये कैन्सर नाशक है 
आयुर्वेदिक इलाज , उपवास , और खाने में थोड़े बदलाव से कैन्सर को नब्बे प्रतिशत काम किया जा सकता है .. 
सारे पंजाबी उत्तर भारतीय भाइयों से निवेदन है के इसे अधिक से अधिक अपने अपने ग्रुपो और पेजों में शेयर करे ताकि इस साजिश का पर्दाफाश हो सके .