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कृषि विभाग से वितरित शक्ति चालित यंत्रों का होगा रेंडम भौतिक सत्यापन
November 21, 2020 • डा. शरद प्रकाश पाण्डेय • कृषि


उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री ने कहा है कि सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना एवं प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजड्यू योजना एवं कृषि विभाग की अन्य समस्त योजनाओं के अंतर्गत फॉर्म मशीनरी बैंकए कस्टम हायरिंग सेंटर एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से वितरित शक्ति चालित कृषि यंत्रों की उपयोगिता एवं उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने हेतु यंत्रों का भौतिक सत्यापन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु जनपदवार उप कृषि निदेशक ;भूमि संरक्षणद्धए उप कृषि निदेशक ;कृषि रक्षाद्धए सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता की संयुक्त टीम का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि फॉर्म मशीनरी बैंक एवं कस्टम हायरिंग सेंटर के 10ः तथा कृषि विभाग के समस्त योजनाओं के अंतर्गत वितरित शक्ति चालित कृषि यंत्रों का 10ः रेंडम चयन के आधार पर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। रैंडम चयन  मुख्यालय स्तर से डिजिटाइज्ड प्रणाली से किया जाएगा।
श्री शाही ने बताया कि शक्ति चालित कृषि यंत्रों के सीरियल नंबरए सीएमएल नंबर अनिवार्य रूप से पोर्टल में फीड किए जाएंगे तथा उनका मिलान पोर्टल पर उपलब्ध डेटाबेस से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी यंत्र निर्माता कंपनियों को निर्देशित कर दिया जाए कि सभी शक्ति चालित कृषि यंत्रों पर अनिवार्य रूप से उत्कीर्ण या उभरा हुआ सीरियल नंबरए सीएमएल नंबर अंकित होना चाहिए तथा बिल पर भी सीरियल नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। उन्होंने कहा कि मौके पर यंत्रों के सत्यापन के समय उपलब्ध बिल का विक्रेता से ई.वे बिल प्राप्त कर सत्यापन किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिस वित्तीय वर्ष में यंत्र पर अनुदान दिया जा रहा हैए उसी वित्तीय वर्ष में 3 माह बाद एक बार और मंडलीय सहायक अभियंता द्वारा यंत्र का सत्यापन कराया जाएगा तथा उसकी रिपोर्ट संयुक्त कृषि निदेशक के माध्यम से शासन को प्रेषित की जाएगी। इसी प्रकार अगले 3 वर्षों तक प्रति वर्ष रैंडम आधार पर सत्यापन कराया जाएगा व सत्यापन रिपोर्ट संबंधित मंडलीय योजना अधिकारी को भेजी जाएगी।