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किसानों को हार्वेस्टिंग के लिए आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो -श्री अवनीश कुमार अवस्थी
April 12, 2020 • डा. शरद प्रकाश पाण्डेय • समाचार
 
उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, एवं प्राविधिक शिक्षा विभाग ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि लाॅक डाउन की अवधि में छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो!
 
प्रथम चरण में 15 जनपदों के 133 हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों के 2,986 लोगों को किया गया क्वारेंटाइन!
 
द्वितीय चरण में 25 जनपदों के 59 हाॅट स्पाॅट क्षेत्र चिन्हित करते हुए 939 लोगों को किया गया क्वारेंटाइन!
 
फेक न्यूज के तहत अब तक 201 मामलों को संज्ञान में लेते हुए  की गई कार्यवाही
 
12.41 लाख निर्माण श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रू0 ट्रांसफर!
 
धारा 188 के तहत 15,378 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज !
 
 
कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 484 लोगों के खिलाफ 385 एफआईआर दर्ज करते हुए 168 लोग गिरफ्तार!
 
 
अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने आज लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कृषि विभाग और एपीसी को निर्देश दिया है कि किसानों को हार्वेस्टिंग के लिए आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देश जारी किए जाएं कि नियमों का सरलीकरण कर उनकी सहायता करें। किसानों से गेहूं खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर अनुमन्य नहीं होगी। फसलों के प्रोक्योरमेंट तथा मंडी की व्यवस्था को और सुचारू बनाया जाए। हर हाल में किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जरूर उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक क्रय के रूप में एफ0पी0ओ0 (कृषक उत्पादक संगठन) के माध्यम से गांव अथवा खेत से ही उपज की खरीद को प्रोत्साहित किया जाए। आटा मिल द्वारा किसानों के खेतों से सीधे गेहूं खरीद हेतु नियमों में व्यवस्था की जा रही है। इस सम्बंध में जनपद के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। 
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने इसके साथ ही उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी प्रकार की शिक्षा में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और उसे व्यवस्थित कर वृहद रूप से आगे बढ़ाया जाए ताकि बच्चों के भविष्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। विषयों का ई-कन्टेंट तैयार कर निरन्तर अपलोड किया जाए, जिससे विद्यार्थी घर पर ही रहकर आसानी से एक्सेस कर सकें और लाॅक डाउन की अवधि में उनकी पढ़ाई बाधित न हो और वे सेमेस्टर की अवशेष पढ़ाई कर सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के काउंसिलिंग की भी व्यवस्था की जायेगी।
 
प्रथम चरण में 133 हाॅट स्पाॅट चिन्हित करके कार्यवाही की गई है। अब तक 1,57,635 मकान चिन्हित करते हुए 10,61,586 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। इन हाॅट स्पाॅट क्षेत्र में 342 कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति मिले हैं एवं 3,244 कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों में से 2,986 व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेंटाइन में रखा गया है। द्वितीय चरण में 59 हाॅट स्पाॅट चिन्हित करके कार्यवाही की गई है। अब तक 1,43,708 मकान चिन्हित करते हुए 9,02,920 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। इन हाॅट स्पाॅट क्षेत्र में 75 कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति हैं, जबकि 939 व्यक्ति संस्थागत क्वारेंटाइन में रखे गये हैं। प्रदेश के हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में अधिवासित लोगों को 1085 डोर स्टेप डिलिवरी मिल्क बूथ एवं मैन के द्वारा दूध वितरित किया जा रहा है। फल एवं सब्जी वितरण के लिए कुल 1,803 वाहन लगाये गये हैं इन क्षेत्रों में 1,913 व्यक्तियों एवं 1447 प्रोविजनल स्टोर के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है। हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों के लिए 110 सामुदायिक किचन संचालित हैं।
 
श्री अवस्थी ने बताया कि निजामुद्दीन मरकज में सम्मिलित होने वाले विभिन्न जनपदों  के 2,461 लोगों को चिन्हित कर 2,267 व्यक्तियों को क्वारेंटाइन किया गया है। 01 फरवरी, 2020 के बाद 325 विदेशी तब्लीगी व्यक्ति जो प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आये और मौजूद हैं, सभी 325 विदेशी व्यक्तियों का चिकित्सकीय परीक्षण करके क्वारेंटाइन किया गया है। तब्लीगी जमात के 44 विदेशी सदस्यों पर एफआईआर दर्ज की गई है तथा 259 पासपोर्ट जब्त किये गये हैं। 66 व्यक्ति नेपाली नागरिक हैं। 
श्री अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े 12.41 लाख श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रूपए की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी गई है। इसके अतिरिक्त नगरीय क्षेत्र के 4.40 लाख श्रमिकों एवं ग्रामीण क्षेत्र के 3.12 लाख निराश्रित व्यक्तियों को भी एक-एक हजार रूपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की 33,031 फैक्ट्री से सम्पर्क किया गया, जिनमें 30,328 द्वारा अपने श्रमिकों को वेतन का वितरण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 5,281 औद्योगिक इकाईयां चालू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की सब कमेटी द्वारा आश्रय स्थल की संख्या 5,241 हो गयी है जिनमें अब तक रहने वालों की संख्या 1,25,989 है।