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जिन्दगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये!
October 1, 2020 • डा. शरद प्रकाश पाण्डेय • विशेष

                                                   


(1) जिन्दगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये:-
जब दिमाग कमजोर होता है, परिस्थितियाँ समस्या बन जाती है, जब दिमाग स्थिर होता है, परिस्थितियाँ चुनौती बन जाती है तथा जब दिमाग मजबूत होता है, परिस्थितियाँ अवसर बन जाती है। जिन्दगी में अच्छे लोगोें की तलाश मत करो ‘‘खुद अच्छे बन जाओ’’ आपसे मिलकर शायद किसी की तलाश पूरी हो जाऐ ..........। काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये, हर कदम ऐसे चलो कि निशान बन जाये, यहाँ जिंदगी तो सब काट लेते है, जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये। जिन्हें सपने देखना अच्छा लगता है, उन्हें रात छोटी लगती है और जिन्हें सपने पूरे करना अच्छा लगता है, उन्हंे दिन छोटा लगता है। किसी के दिल को चोट पहुँचा कर माफी माँगना बहुत ही आसान है, लेकिन खुद चोट खाकर किसी को माफ करना बहुत मुश्किल है। जिस काम को करने में डर लगता है उसको करने का नाम ही साहस है।
(2) जिन्दगी एक वरदान है:-
जिंदगी...... देखो तो ख्वाब है, जिंदगी, पढ़ो तो किताब है, जिंदगी, सुनो तो ज्ञान है, जिंदगी, पूछो तो सवाल है, जिंदगी, और समझो तो वरदान है, जिंदगी। हीरे की तरह काबलियत रखतें हो तो अंधेरों में चमका करो, रोशनी में आकर तो काँच भी चमका करते हंै। एक व्यक्ति ने अपने स्वामी जी से पूछा कि सब कुछ खोने से ज्यादा बुरा क्या है? स्वामी जी ने उत्तर दिया.....वो उम्मीद खोना जिसके भरोसे पर हम सब कुछ वापस पा सकते हैं।’’ कमजोर होते है वो लोग, जो शिकवा किया करते हैं। उगनेे वाले तो, पत्थर का सीना चीर के उगा करते हैं।
(3) जीवन के हर पल को पूरे मनोयोग से जीए:-
समय मनुष्य की सबसे बड़ी संपत्ति है। समय का सही उपयोग जिस दिशा में भी किया जाए, उसी दिशा में प्रगति मिलने लगती है। दूध से भरे मिट्टी के पात्र का दर्जा विष से भरे स्वर्ण पात्र से ऊँचा होता है........इसी प्रकार मनुष्य की बाहरी सुन्दरता से अधिक भीतरी संस्कारों का मूल्य होता है। कोई हमारे काँधे पर हाथ रखता है तो हमारा हौसला बढ़ता है पर जब किसी का हाथ काँधे पर नहीं होता हम अपनी शक्ति खुद बन जाते हैं और वही शक्ति ईश्वर है।
(4) मनुष्यता कठिन प्रयत्न से प्राप्त करनी पड़ती है:-
सारे संसार का अंधकार मिलकर भी एक दीये से उसकी रोशनी नहीं छीन सकता हैं। सफलता प्राप्त करने की प्रक्रियाँ कभी समाप्त नहीं होती और असफलता कभी अंतिम नहीं होती। जहाँ हिम्मत समाप्त होती है, वही हार की शुरूआत होती है। मनुष्य का जन्म तो सहज होता है किन्तु मनुष्यता उसे कठिन प्रयत्न से प्राप्त करनी पड़ती है।
(5) परहित सरिस धर्म नहीं भाई:-
अजब दुनियाँ की गजब कहानी बचपन में लड़ते थे कि माँ मेरी है माँ मेरी है, किन्तु अब बडे़ होकर लड़ते है कि माँ तेरी है माँ तेरी है। सो जाता है हर कोई, अपने कल के लिए पर यह कोई नहीं सोचता कि आज जिसका दिल दुखाया, वो सोया होगा कि नहीं? दूसरांे के साथ वैसी ही उदारता बरतो, जैसी ईश्वर ने तुम्हारे साथ बरती है। खौलते हुए पानी में जिस तरह प्रतिबिम्ब नहीं देखा जा सकता है, उसी तरह क्रोध की स्थिति में सच को नहीं देखा जा सकता है। मैं सौभाग्यशाली हूँ कि मैंने इस पवित्र भूमि व देश में जन्म लिया है।
(6) अच्छा सोचे और अच्छा करे:-
खेत में बीज न डाले जाने पर कुदरत उसे घास-फूस से भर देती है, उसी तरह यदि दिमाग में सकारात्मक विचार नहीं भरे जाये तो नकारात्मकता वहां जगह बना लेगी। प्रसन्नता तो चंदन है दूसरे के माथे पर लगाइये तो आपकी अंगुलियाँ अपने आप महक उठेंगी। अपशब्द प्रयोग करने का अर्थ यह है कि मुझमें इतनी भी अक्ल नहीं है कि मैं अन्य शब्दों का चयन कर सकँू। अच्छा सोचे और अच्छा करे और विश्वास रखे आने वाला कल जरूर अच्छा होगा।
(7) अपनी आत्म शक्ति दिखलाओ:-
किसी के कहने से इंसान छोटा नहीं होता। छोटा होता है तो खुद अपने एहसास से। हमारी इजाजत के बिना कोई हमें बेइज्जत नहीं कर सकता। यदि कोई नीचा दिखाने की कोशिश करे तो अपने से कहना कि मैं सबसे बेहतर हूँ। बंद कमरे में घुटन का एहसास होता हैै तो खिड़कियों को खोल देना चाहिए। सोचे, जो हमारे पास है और किसी के पास नहीं है। कमी है तो केेेवल अपनी आत्मा की शक्ति को पहचानने तथा उसे दिखाने की।
(8) स्वयं पर विश्वास होना ही ईश्वर पर विश्वास होना है:-
सब्र एक ऐसी सवारी है, जो गिरने नहीं देती अपने सवार को, ना किसी की नजरों से, ना किसी के कदमों में। जिंदगी काँटों का सफर है, हौसला इसकी पहचान है, रास्ते पर तो सभी चलते हैं, जो रास्ते बनाये वही इंसान है। तारों में अकेला चांद जगमगाता है, काँटों से मत घबराना मेरे दोस्त, क्योंकि काँटों में ही गुलाब मुस्कुराता हैं। जो सफर की शुरूआत करते हैं, वही मंजिल को पार करते हैं, बस एक बार चलने का हौसला तो रखियें, ऐसे मुसाफिर का रास्ते भी इंतजार करते हैं। जिंदगी, उन्हीं को इनाम देती है, जो स्वयं पर यकीन रखते हुए अपने कार्य पूरी लगन से करते हैं। ऐ बुरे वक्त, जरा अदब से पेश आ/क्योंकि वक्त नहीं लगता, वक्त बदलने में।
(9) नाविक क्यों निराश होता है! अरे क्षितिज के पार साहसी नव प्रभात होता है:-
आत्मविश्वास, जीवन नैया का इतना सशक्त मल्लाह है, जो डूबती नाव को प्रचंड लहरों के बीच पतवार के सहारे ही नहीं, बल्कि अपने हाथों से उठाकर किनारे पर ले आता है। न क्रोध करो, न ईष्र्या, न छल। दूसरे मूर्खता करते हैं तो हमंे उनका अनुकरण करने की क्या आवश्यकता? अपना मुँह उजला और हाथ स्वच्छ रखो। दूसरे किस तरह रहते और क्या करते हैं, यह ढूँढ़ने के लिए दुर्जनों के समुदाय में मत जाओ।
(10) मिलकर करें प्रयास हमको परिवर्तन लाना है:-
स्वाध्याय का अर्थ है सद्विचारों का निरंतर चिंतन, मनन। सद्विचार निरंतर घुलनशील हो जाएँ तो व्यक्तित्व बनने लगता है। आज चारों ओर ज्ञान का विस्फोट है। इंटरनेट के माध्यम से, किताबों के द्वारा ढेर सारी सूचनाएँ उपलब्ध हैं, पर ज्ञान वह हो, जो हमारे अंतस् में घुलकर हमें कुछ विशेष करने पर विवश कर दे। मिलकर करें प्रयास हमको परिवर्तन लाना है। हमको अपनी इस धरती को स्वर्ग बनाना है। विश्व एकता की शिक्षा इस युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है।