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ई.आर.पी. व्यवस्था में प्रदेश के लगभग 46.20 लाख गन्ना किसान लाभान्वित
January 2, 2020 • डा. शरद प्रकाश पाण्डेय • कृषि समाचार
चीनी मिलों द्वारा किये जा रहे पर्ची निर्गमन कार्य के कारण कृषकों को समय से पर्चियां प्राप्त न होने एवं अवांछित व्यक्तियों द्वारा अक्सर बाधा उत्पन्न करके अनुचित लाभ लिये जाने से गन्ना कृषकों को हो रही परेशानियों को दूर करने तथा सहकारी गन्ना समितियों के पर्ची निर्गमन एवं अन्य कार्यों में शुचिता तथा पारदर्शिता लाये जाने हेतु ई.आर.पी. माडयूल विकसित किया गया है। 
यह जानकारी देते हुए प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री श्री सुरेश राणा ने बताया कि, ई.आर.पी. के अन्तर्गत गन्ना समितियों के मानव सम्पदा, कृषि निवेश व्ययवसाय, लेखा एवं पर्ची निष्कासन व्यवस्था हेतु पृथक-पृथक एच.आर. माडयूल, खाद एवं कीटनाशक वितरण हेतु माडयूल, समिति की बैलेन्सशीट, एकाउटिंग एवं टी.डी.एस. माडयूल विकसित किये जा रहे हैं। ई.आर.पी. के अन्तर्गत विकसित किये जा रहे इन माडयूल्स से गन्ना समितियां पूर्णतया कम्प्यूटरीकृत हो जायेंगी। गन्ना समितियों के पूर्णतया कम्प्यूटरीकृत हो जाने के उपरान्त कृषक, समिति के गोदामों से कृषि निवेशों की उपलब्धता के साथ-साथ अपने लेन-देन की जानकारी आन-लाइन कर सकेंगे और उन्हें अनावश्यक रूप से समिति कार्यालय के चक्कर लगाने से भी निजात मिलेगी।
इस व्यवस्था से समिति की बैलेन्सशीट, टी.डी.एस. एवं एकाउन्टिंग भी आन-लाइन होने से पारदर्शिता आयेगी तथा विभाग के अन्तर्गत गन्ने के विपणन के साथ-साथ गन्ना समिति के कृषि निवेशों के व्यवसाय, स्थापन एवं लेखा सम्बन्धी कार्यों सहित समस्त गतिविधियां इस पोर्टल के माध्यम से सुचारू रूप से सम्पादित हो सकेंगी, जिससे विभाग की गतिविधियों के सम्पादन में शुद्धता एवं गतिशीलता के साथ पारदर्शिता भी बढेगी।
 ई.आर.पी. व्यवस्था में प्रदेश के लगभग 46.20 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों को आई.टी. प्लेटफार्म पर तकनीक से जोडा गया। एस.एम.एस. की प्रक्रिया से किसानों को अपनी पर्ची के विषय में तत्काल सूचना मिल रही है, जिससे किसानों को अपनी पर्चियों  के लिए भटकना नहीं पडता है। गन्ना किसानों को उपलब्ध करायी जा रही एस.एम.एस. पर्ची पर गन्ना तौल की सुविधा भी दी जा रही है।
 ई.आर.पी. प्रणाली में किसानों को अपने सर्वे सट्टा, कलेण्डर एवं पर्ची आदि की आन-लाइन सीधे जानकारी प्राप्त हो रही है, जिससे समिति कार्यालय में जानकारी हेतु आने-जाने में लगने वाले समय की भी बचत हो रही है। अब तक लगभग दो करोड बीस लाख बार किसानों द्वारा अपने आंकडों का ई.आर.पी. वेबसाईट www.caneup.in से अवलोकन किया गया तथा 8,47,690 किसानों द्वारा 'E-Ganna App'डाउनलोड किया गया एवं 5,76,52,433 बार ई-गन्ना ऐप को हिट किया गया है, जो कृषकों के बीच ई.आर.पी. वेबसाईट एवं ई-गन्ना ऐप की लोकप्रियता का प्रमाण है। ई.आर.पी. व्यवस्था से शासन की मंशानुरूप 'जीरो टालरेन्स' नीति के तहत भ्रष्टाचारियों तथा गन्ना माफियाओं पर अंकुश लगाने में आशातीत सफलता प्राप्त हुई है। ई.आर.पी. व्यवस्था लागू होने से प्रदेश में 85,510 डबल बाण्ड, 23,985 फर्जी आपूर्तिकर्ता तथा 94,813 भूमिहीन कृषको के बाण्ड सामने आये जिन्हें बन्द कर दिया गया है। 
गन्ना राज्य मंत्री ने बताया ई.आर.पी. प्रणाली लागू होने से कृषको को समय से समानुपातिक रूप से पर्चियों की उपलब्धता तथा चीनी मिलों को ताजे गन्ने की आपूर्ति भी हो रही है। गन्ना विकास विभाग द्वारा लागू की गयी ।