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धान खरीद का भुगतान किसानों के खाते में 72 घंटें के अन्दर
October 31, 2020 • डा. शरद प्रकाश पाण्डेय • कृषि


उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग के अन्तर्गत पी0सी0एफ0, पी0सी0यू0 एवं यू0पी0एस0एस0 द्वारा जनपदों में धान खरीद केन्द्र स्थापित कर धान खरीद का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत धान खरीद केन्द्रांें पर यदि किसी प्रकार की समस्या किसानों को हो रही हो तो वह किसान सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता व क्रय एजेन्सियों के जिला प्रबन्धकों से सम्पर्क कर धान खरीद की समस्याओं का समाधान करा सकते है।
यह जानकारी देते हुए सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने सहकारिता विभाग के धान खरीद कार्य में लगे अधिकारी व क्रय एजेन्सियों के जिला प्रबन्धकों को निर्देश दिया है कि किसानों की धान खरीद से सम्बन्धित यदि कोई समस्या है तो उसका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराना सुनिश्चित किया जाए, इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाशत नहीं की जायेगी। उन्हांेने बताया कि मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत खरीद विपणन वर्ष 2020-21 में किसानों को उनकी उपज धान का लाभकारी मूल्य दिलाये जाने हेतु सहकारिता विभाग की तीन क्रय एजेन्सियों पी0सी0एफ0, पी0सी0यू0 एवं यू0पी0एस0एस0 द्वारा 2010 क्रय केन्द्रों को स्थापित कर धान की खरीद की व्यवस्था की गयी है।
 श्री वर्मा ने बताया कि पी0सी0एफ0 के 1350 क्रय केन्द्रों द्वारा 13.00 लाख मै0टन, पी0सी0यू0 के 500 क्रय केन्द्रों द्वारा 6.00 लाख मै0टन तथा यू0पी0एस0एस0 के 160 क्रय केन्द्रों द्वारा 2.50 लाख मै0टन सहित कुल 21.50 लाख मै0टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अभी तक पी0सी0एफ0, पी0सी0यू0 एवं यू0पी0एस0एस0 द्वारा 1.85 लाख मै0टन धान की खरीद, 26710 किसानों से की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के पोर्टल से पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से 72 घंटें के अन्दर किसानों के खाते में सीधे धान खरीद का भुगतान किया जा रहा है।
श्री वर्मा ने किसान भाईयों से अपील है कि क्रय केन्द्र से टोकन प्राप्त कर निर्धारित तिथि पर धान विक्रय हेतु ले आये। क्रय केन्द्रों पर धान विक्रय के लिए ले जाने से पूर्व अपना ऑनलाइन पंजीकरण तथा राजस्व विभाग से सत्यापन कराकर खसरा खतौनी की प्रति के साथ क्रय केन्द्र पर धान विक्रय करने आयें, जिससे उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।