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वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग तथा कम्पोस्ट स्ट्रक्चर
May 19, 2019 • स्पर्श


वेस्ट डीकम्पोजर उपयोग करने के विधि
व्यापक बहुलीकरण-
खेती में रसायनिक खादों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय जैविक खेती केन्द्र जैविक खाद पर
जोर दे रहा है। केन्द्र जैविक खाद (वेस्ट डीकम्पोस्ट) के जरिये खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर
रहा है। 20 रूपये के जैविक खाद से कई एकड़ के लिए खाद तैयार की जा सकती है। जिसका प्रयोग फसलों की
सिंचाई, तैयार फसलों में छिड़काव और बीजों के शोधन में किया जा सकता है।
1. एक ड्रम या टंकी में 200 लीटर पानी लेकर उसमें 02 किलो गुड़ डालकर अच्छे से हिलाकर मिलायें।
2. अब बोतल (छोटी कांच की बोतल) को खोलकर उसकी समस्त सामग्री इस ड्रम या टांके में डाल दें (ध्यान
रखें इस दवाई को किसी लकड़ी या तार की सहायता से इसे निकालें)।
3. अब इसे अच्छी तरह लकड़ी से हिलाकर मिलाएं और इसे पेपर से ढक्कर गर्मी में दो दिन एवं सर्दी में
04 दिन के लिए छोड़ दें।
4. अब छायादार स्थान पर एक प्लास्टिक शीट बिछाकर उस पर कम्पोस्ट को फैला दें।

कम्पोस्टिंग-
1. अब 01 टन कम्पोस्ट पर 20 लीटर तैयार घोल को इस पर अच्छे से छिड़क दें।
2. इसके ऊपर पुनः कम्पोस्ट फैला दें।
3. इस पर फिर से 20 लीटर तैयार घोल का छिड़काव करें।
4. इस प्रक्रिया को दोहराएं जब तक कि तैयार 200 लीटर घोल समाप्त न हो जाये।
5. पूरी कम्पोस्ट खाद की आर्द्रता 60 प्रतिशत बनाये रखें।
6. सात-सात दिनों के अन्तराल में इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहें।
7. 30 दिनों में यह कम्पोस्ट पूरी तरह से तैयार हो जायेगा।

छिड़काव-
इस तैयार घोल का खड़ी फसल में छिड़काव करें। यह छिड़काव 10 दिन के अन्तराल में 04 बार करें।

ड्रिप सिचाई के साथ-
इस मिश्रण को एक एकड़ हेतु पर्याप्त जल के साथ मिलाकर ड्रिप सिंचाई के माध्यम से खेत में डाल दें।

बीज उपचार-
1. हाथों में दस्ताने (प्लास्टिक के) पहनें।
2. अब कांच की शीशी में उपलब्ध सामग्री को 30 ग्राम गुड़ के साथ अच्छी तरह मिलाएं।
3. यह मिश्रण 20 किलो बीजों को उपचारित करने हेतु पर्याप्त है।
4. बीजों को उपचारित करने के बाद 30 मिनट (आधे घंटे के लिए) छायादार स्थान पर सुखा लें।
5. आधे घंटे बाद बीज बुआई के लिए तैयार हैं। अब बुआई कर दें।

लाभ -
वेस्ट डीकम्पोजर का पौधों पर छिड़काव करने से विभिन्न फसलों में सभी प्रकार की बीमारियों पर प्रभावी
ढंग से रोक लगती है इसका उपयोग करके किसान बिना रसायन उर्वरक व कीट नाशक से फसल उगा सकते
हैं। वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग करने से सभी प्रकार की कीटनाशी/फफूद नाशी और नाशीजीव दवाईयों का 90
प्रतिशत तक उपयोग हो जाता है, क्योंकि यह जड़ों की बीमारियों और तनों की बीमारियों को नियंत्रित करता है।
नियमित बीमारियों को रोकने के लिए इसे खड़ी फसल पर एक महीने में एक बार छिड़काव करें।